हमारा प्रयास हिंदी विकास आइये हमारे साथ हिंदी साहित्य मंच पर ..

तुम याद आई हो----------[के एस एस कन्हैया ]

>> मंगलवार, 9 फरवरी 2010


जब भी निदाघ में उठी है हवा, तुम याद आई हो
श्वास में जब भरी कोई सुगंधि, तुम याद आई हो


यूँ तो मंदिरों मंदिरों न कभी घूमा किया अभागा
जब भी ये सर कहीं झुका, तुम याद आई हो


फूल दैवी उपवनों के भू पर खिले हैं घर-घर में
जब भी दिखा निश्छल कोई शिशु, तुम याद आई हो


संगीत-सी ललित कविता-सी कोमल अयि कामिनी
किसी लय पर जो थिरकी हवा, तुम याद आई हो


जो तुम वियुक्त तो हर धड़कन लिथड़ी रक्ताक्त अश्रु में
कभी औचक जो मुस्कराया, तुम याद आई हो


जलती आग सी सीने में, है धुआँ-धुआँ साँसों का राज
जब फैली कहीं भी उजास, तुम याद आई हो


मरुस्थली सा जीवन, वसंत मात्र स्वप्न है सुजीत का
जब भी कूकी कोई कोकिला, तुम याद आई हो

**********

9 comments:

हिन्दी साहित्य मंच 9 फरवरी 2010 11:02 am  

बहुत ही सुन्दर गजल लगी ।

Mithilesh dubey 9 फरवरी 2010 11:04 am  

जलती आग सी सीने में, है धुआँ-धुआँ साँसों का राज
जब फैली कहीं भी उजास, तुम याद आई हो

आपकी ये लाईंन तो दिल को छू गयी ।

जय हिन्दू जय भारत 9 फरवरी 2010 11:05 am  

बहुत सुन्दर ...........

Saloni Subah 9 फरवरी 2010 11:27 am  

it's a great post
---
EINDIAWEBGURU

वन्दना 9 फरवरी 2010 11:48 am  

poori rachna behad lajwaab.

निर्मला कपिला 9 फरवरी 2010 7:17 pm  

बहुत सुन्दर गज़ल बधाई

neeshoo 10 फरवरी 2010 9:23 am  

याद को बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत किया है आपने , सुन्दर रचना ।

KSS Kanhaiya 10 फरवरी 2010 11:27 am  

हिंदी साहित्य मंच के प्रिय मित्र गण,
प्रिय नीशू जी, मिथिलेश जी, अभिषेक त्रिपाठी जी, सलोनी जी, वंदना जी, निर्मला कपिला जी,
आप को ग़ज़ल अच्छी लगी, यह मेरे लिए संतोष का विषय है.
आप सबों की प्रतिक्रिया हेतु हार्दिक धन्यवाद.
ऐसे प्रोत्साहन के शब्द निधि भी बनते हैं, सम्बल भी और आशा भी.
ई-मेल संपर्क की प्रत्याशा के साथ एक बार फिर आप सबको धन्यवाद.
kss.kanhaiya@gmail.com

रंजना 10 फरवरी 2010 3:15 pm  

Hindi shabdon ka sundar prayog kiya hai is gazal me...

Sundar rachna...

आपका आना अच्छा लगता है

free counter

Footer

हिन्दी साहित्य मंच पर आप हिन्दी साहित्य ही सभी विधाओ को प्रकाशित करा सकते हैं । आप हमसे जुड़ने के लिए इस अतंरजाल पते पर संपर्क करें-hindisahityamanch@gmail.com. । हमारे इन मोबाइल नं पर भी आप संपर्क कर सकते हैं -07869206597, 09457582334 । हिन्दी साहित्य मंच पर आपका स्वागत है । हमारे प्रयास में भागीदारी बने ।

- Powered and Maintained by हिंदी होस्ट HindiHost.com The Professional Domain Hosting and Design by HindiHost.com

Back to TOP